इस्तेमाल कैसे करें
- 1अपने व्यवसाय की जानकारी एक बार भरें। यह आपके डिवाइस पर सेव रहती है और इस साइट के हर फ़ॉर्मेट में अपने-आप आ जाती है।
- 2चालान नंबर और तारीख़ भरें, फिर माल भेजने का कारण और वाहन, ट्रांसपोर्टर तथा ई-वे बिल का विवरण डालें।
- 3माल पाने वाले की जानकारी भरें और माल की सूची बनाएँ: HSN कोड, मात्रा और मूल्य। चुनें कि GST दिखाना है या नहीं।
- 4'और विकल्प' में प्रति का अंकन चुनें, प्रिंट करें, और अगली प्रति के लिए उसे बदल दें: माल पाने वाले की, ट्रांसपोर्टर की और आपकी अपनी फ़ाइल की।
डिलीवरी चालान में क्या-क्या होना ज़रूरी है
CGST नियमों का नियम 55 यह जानकारी बताता है। इस फ़ॉर्मेट में हर एक के लिए जगह है:
- तारीख़ और लगातार क्रम वाला चालान नंबर, अधिकतम 16 अक्षर
- माल भेजने वाले (आप) का नाम, पता और GSTIN
- माल पाने वाले का नाम, पता और GSTIN, अगर वह पंजीकृत है
- माल का HSN कोड और विवरण
- मात्रा, जो सही मात्रा पता न होने पर अनुमानित भी हो सकती है
- कर योग्य मूल्य
- कर की दर और राशि, जब माल का भेजा जाना ही आपूर्ति हो
- आपूर्ति का स्थान, जब माल दूसरे राज्य में जा रहा हो
- हस्ताक्षर
डिलीवरी पर हस्ताक्षर ज़रूर लें
“ऊपर लिखा माल सही हालत में प्राप्त हुआ” वाली पंक्ति, प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर, नाम और तारीख़ के साथ, आपकी डिलीवरी का सबूत है। हस्ताक्षर वाली तीसरी प्रति सँभालकर रखें। कम या ख़राब माल के ज़्यादातर विवाद इसी से सुलझ जाते हैं।
चालान के नंबर बिल से अलग रखें
चालान की अपनी सीरीज़ रखें, जैसे DC-001, ताकि आपके टैक्स इनवॉइस के नंबर लगातार क्रम में रहें। जब चालान पर भेजा गया माल बाद में बिक जाए तो टैक्स इनवॉइस पर चालान नंबर लिख दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टैक्स इनवॉइस की जगह डिलीवरी चालान कब इस्तेमाल होता है?
CGST नियमों के नियम 55 के अनुसार: जब माल जॉब वर्क के लिए भेजा जाए, जब माल बिक्री के अलावा किसी और कारण से जाए (अपने गोदाम, प्रदर्शनी, मरम्मत या सैंपल के रूप में), जब माल अप्रूवल पर भेजा जाए, और जब माल निकालते समय मात्रा पता न हो, जैसे लिक्विड गैस।
कितनी प्रतियाँ चाहिए?
तीन। मूल प्रति माल पाने वाले के लिए, दूसरी ट्रांसपोर्टर के लिए और तीसरी माल भेजने वाले यानी आपके लिए होती है। 'और विकल्प' में अंकन चुनें और हर प्रति छाप लें।
क्या डिलीवरी चालान के साथ ई-वे बिल ज़रूरी है?
आम तौर पर हाँ, जब माल का मूल्य ₹50,000 से ज़्यादा हो। ई-वे बिल बिल की जगह डिलीवरी चालान के आधार पर बनता है। कुछ राज्यों में राज्य के भीतर माल ले जाने की सीमा अलग है, इसलिए अपने राज्य का नियम जाँच लें।
क्या डिलीवरी चालान पर GST दिखाना चाहिए?
आम तौर पर सिर्फ़ माल का मूल्य दिखाया जाता है, क्योंकि बिक्री नहीं हो रही। नियम 55 के अनुसार कर की दर और राशि तब लिखी जाती है जब माल का भेजा जाना ही माल पाने वाले को आपूर्ति हो। ऐसे में 'माल पर GST दिखाएँ' चुनें।
माल अप्रूवल पर भेजा था और ग्राहक ने रख लिया। अब क्या करें?
जिस समय ग्राहक माल पसंद कर ले उसी समय टैक्स इनवॉइस जारी करें। अगर माल भेजने के छह महीने के भीतर कोई फ़ैसला न हो, तो उस समय बिल जारी करना ज़रूरी हो जाता है।
जॉब वर्कर के पास माल कितने समय रह सकता है?
इनपुट एक साल के भीतर और कैपिटल गुड्स तीन साल के भीतर वापस आ जाने चाहिए, या जॉब वर्कर के यहाँ से ही आगे सप्लाई हो जाने चाहिए। इसके बाद क़ानून उन्हें उसी दिन सप्लाई किया हुआ मानता है जिस दिन वे भेजे गए थे।
क्या चालान हिंदी में छप सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'दस्तावेज़ की भाषा' में हिंदी चुनें।
पिछली समीक्षा: 18 सितंबर 2026