इस्तेमाल कैसे करें
- 1अपनी कंपनी का नाम, पता और लोगो एक बार भरें। ये अगली बार के लिए आपके डिवाइस पर सेव रहते हैं।
- 2उम्मीदवार का नाम और पता, पद, कार्यभार ग्रहण करने की तारीख़ और वेतन भरें।
- 3प्रोबेशन की अवधि, रिपोर्टिंग अधिकारी, स्वीकृति की अंतिम तारीख़ और कोई अतिरिक्त अनुच्छेद जोड़ें, जैसे काम के घंटे या नोटिस अवधि।
- 4प्रीव्यू जाँचें और 'PDF डाउनलोड / प्रिंट' दबाएँ। हस्ताक्षर करके दो प्रतियाँ भेजें, एक उम्मीदवार के हस्ताक्षर करके लौटाने के लिए।
अच्छे ऑफ़र लेटर में क्या-क्या होता है
- पद, विभाग और काम की जगह
- कार्यभार ग्रहण करने की तारीख़ और रिपोर्टिंग अधिकारी
- वेतन, अंकों में और शब्दों में, और यह कि वह मासिक है या सालाना
- प्रोबेशन और पुष्टि का तरीक़ा
- प्रस्ताव की शर्तें: दस्तावेज़ों और संदर्भों की जाँच, कंपनी की नीतियाँ
- प्रस्ताव स्वीकार करने की अंतिम तारीख़
- अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर, और उम्मीदवार के लिए स्वीकृति का हिस्सा
हस्ताक्षर वाली प्रति सँभालकर रखें
जो प्रति उम्मीदवार हस्ताक्षर करके लौटाता है उसे फ़ाइल में रखें। यही इस बात का रिकॉर्ड है कि क्या प्रस्ताव दिया गया और क्या स्वीकार हुआ, और आगे नियुक्ति पत्र, सैलरी स्लिप और किसी दिन अनुभव पत्र की शुरुआत भी यहीं से होती है।
सिर्फ़ असली प्रस्तावों के लिए
ऑफ़र लेटर वीज़ा, लोन और किराये के मकान के लिए नौकरी के सबूत के तौर पर इस्तेमाल होता है। यह सिर्फ़ उसी व्यक्ति को दें जिसे आप सच में नौकरी देना चाहते हैं, और उन्हीं शर्तों पर जिन्हें आप निभाने वाले हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऑफ़र लेटर बाध्यकारी अनुबंध होता है?
ऑफ़र लेटर एक लिखित प्रस्ताव है। उम्मीदवार आपके दिए समय के भीतर उस पर हस्ताक्षर करके लौटा दे, तो पत्र की शर्तों पर आप दोनों के बीच सहमति बन जाती है। इसीलिए पत्र में लिखा होता है कि प्रस्ताव दस्तावेज़ों के सत्यापन और कंपनी की नीतियों के अधीन है।
ऑफ़र लेटर और नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) में क्या फ़र्क़ है?
ऑफ़र लेटर पहले आता है और उम्मीदवार को बताई गई शर्तों पर जुड़ने का न्योता देता है। नियुक्ति पत्र तब दिया जाता है जब व्यक्ति काम पर आ जाता है, और उसमें नौकरी की सारी शर्तें लिखी होती हैं। नवंबर 2025 से लागू श्रम संहिताओं के अनुसार हर कर्मचारी को तय प्रारूप में नियुक्ति पत्र देना ज़रूरी है। मौजूदा प्रारूप के लिए अपने HR सलाहकार से पूछें।
वेतन CTC में लिखूँ या मासिक?
जो बात असल में तय हुई हो वही लिखें, और 'वेतन' में वही चुनें। CTC कंपनी का सालाना ख़र्च होता है जिसमें नियोक्ता का PF हिस्सा जैसी चीज़ें शामिल होती हैं, इसलिए बैंक में आने वाली रक़म उससे कम होती है। ब्योरा साझा कर देने से पहली तनख़्वाह पर कोई हैरानी नहीं होती।
प्रोबेशन कितने समय का रखें?
तीन से छह महीने सबसे आम है। पत्र में लिखा होता है कि यह अवधि संतोषजनक रूप से पूरी होने पर नियुक्ति की लिखित पुष्टि की जाएगी।
क्या भेजने के बाद ऑफ़र वापस लिया जा सकता है?
उम्मीदवार के स्वीकार करने से पहले आम तौर पर हाँ। स्वीकार होने के बाद वापस लेने पर आप पर दावा हो सकता है, इसलिए स्वीकृति की साफ़ अंतिम तारीख़ दें और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी शर्तें साफ़ लिखें।
क्या पत्र हिंदी में बन सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'दस्तावेज़ की भाषा' में हिंदी चुनें, पूरा पत्र हिंदी में लिखा जाएगा।
क्या ख़ाली ऑफ़र लेटर फ़ॉर्मेट मिलता है?
हाँ। 'ख़ाली फ़ॉर्मेट' दबाएँ, तो विवरण की जगह बिंदीदार लाइनों वाला पत्र छपेगा जिसे हाथ से भरा जा सकता है।
पिछली समीक्षा: 18 सितंबर 2026