इस्तेमाल कैसे करें
- 1अपने व्यवसाय की जानकारी एक बार भरें। यह आपके डिवाइस पर सेव रहती है और इस साइट के हर फ़ॉर्मेट में अपने-आप आ जाती है।
- 2ग्राहक का नाम और पता भरें, फिर हर आइटम की मात्रा, दर और GST % डालें।
- 3'कब तक मान्य' की तारीख़ चुनें और शर्तें लिखें: डिलीवरी का समय, भुगतान की शर्तें और भाव में क्या शामिल नहीं है।
- 4प्रीव्यू जाँचें, 'PDF डाउनलोड / प्रिंट' दबाएँ और PDF को WhatsApp या ईमेल से भेज दें।
अच्छे कोटेशन में क्या-क्या होना चाहिए
- आपके व्यवसाय का नाम, पता, फ़ोन और GSTIN
- कोटेशन नंबर और तारीख़, ताकि बाद में दोनों पक्ष उसका हवाला दे सकें
- ग्राहक का नाम और पता
- हर आइटम का साफ़ विवरण, मात्रा, इकाई और दर, और पता हो तो HSN या SAC कोड
- छूट, GST, कुल राशि, और कुल राशि शब्दों में
- वह तारीख़ जब तक भाव मान्य हैं
- डिलीवरी का समय और जगह, और भाड़ा कौन देगा
- भुगतान की शर्तें: एडवांस, बाक़ी रक़म, उधारी के दिन
- भाव में क्या शामिल नहीं है, जैसे इंस्टॉलेशन, ट्रांसपोर्ट या लोडिंग
- आपके हस्ताक्षर
ऐसी शर्तें जो बाद के झगड़े रोकती हैं
जो पंक्तियाँ आपके काम की हों उन्हें ‘नियम व शर्तें’ वाले बॉक्स में लिख लें:
- भाव ऊपर दी गई तारीख़ तक मान्य हैं।
- ऑर्डर और एडवांस की पुष्टि के 10 कार्य दिवस के भीतर डिलीवरी।
- ऑर्डर के साथ 50% एडवांस, बाक़ी रक़म माल भेजने से पहले।
- भाड़ा, लोडिंग और अनलोडिंग अलग से, वास्तविक ख़र्च के अनुसार।
- GST अलग से, बिल की तारीख़ पर लागू दर के अनुसार।
- वारंटी निर्माता की शर्तों के अनुसार।
- न्याय क्षेत्र जयपुर। (अपना शहर लिखें।)
आपकी शर्तें अगले कोटेशन के लिए याद रहती हैं, और बिल की शर्तों से अलग रखी जाती हैं।
कोटेशन, एस्टीमेट या प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस?
| दस्तावेज़ | कब भेजा जाता है | क्या भाव पक्का है? |
|---|---|---|
| एस्टीमेट | शुरुआत में, जब काम पूरी तरह तय नहीं होता | नहीं, बदल सकता है |
| कोटेशन | जब ग्राहक आपका भाव पूछता है | हाँ, वैधता की तारीख़ तक |
| प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस | ग्राहक के हाँ कहने के बाद, एडवांस लेने के लिए | हाँ, अंतिम बिल जैसा ही होता है |
| टैक्स इनवॉइस | जब आप माल या सेवा देते हैं | यही असली बिल है |
ग्राहक के हाँ कहने के बाद
स्वीकृति लिखित में लें: हस्ताक्षर की हुई कॉपी, ईमेल, WhatsApp संदेश या परचेज़ ऑर्डर। एडवांस चाहिए तो प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस भेजें। माल या सेवा देते समय टैक्स इनवॉइस जारी करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कोटेशन क़ानूनी रूप से बाध्यकारी होता है?
कोटेशन एक प्रस्ताव है। आम तौर पर, अगर ग्राहक वैधता की अवधि के भीतर उसे स्वीकार कर ले, चाहे हस्ताक्षर करके, लिखित पुष्टि देकर या परचेज़ ऑर्डर भेजकर, तो वह आपके समझौते का हिस्सा बन जाता है और आपसे उसी भाव और शर्तों पर माल देने की अपेक्षा होती है। इसीलिए वैधता की तारीख़ और 'क्या शामिल नहीं है' लिखना ज़रूरी है।
क्या कोटेशन में GST दिखाना चाहिए?
अगर आप GST में पंजीकृत हैं तो हाँ। कर अलग से दिखाएँ ताकि ग्राहक को पता रहे कि कुल कितना देना होगा। कोटेशन पर सरकार को कोई GST नहीं देना होता। कर तभी बनता है जब बिक्री वाक़ई होती है और आप बिल जारी करते हैं।
कोटेशन, एस्टीमेट और प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस में क्या फ़र्क़ है?
एस्टीमेट अंदाज़न ख़र्च होता है जो बदल सकता है। कोटेशन पक्का भाव होता है जो वैधता की तारीख़ तक मान्य रहता है। प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस ग्राहक के हाँ कहने के बाद भेजा जाता है, आम तौर पर एडवांस लेने के लिए, और अंतिम बिल जैसा दिखता है।
कोटेशन कितने दिन के लिए मान्य रखें?
ज़्यादातर व्यवसाय 7 से 30 दिन रखते हैं। जहाँ आपकी अपनी लागत तेज़ी से बदलती है, जैसे धातु, डीज़ल से जुड़ा ट्रांसपोर्ट या आयातित माल, वहाँ अवधि छोटी रखें।
क्या बिना GST का कोटेशन बन सकता है?
हाँ। 'प्रकार' में 'बिना GST' चुनें। कर के कॉलम हट जाएँगे और सिर्फ़ राशि दिखेगी।
ग्राहक ने हाँ कह दी। अब बिल कैसे बनाऊँ?
इस साइट के सभी फ़ॉर्मेट आपके व्यवसाय की जानकारी साझा करते हैं। GST बिल फ़ॉर्मेट खोलिए, वहाँ सिर्फ़ ग्राहक और आइटम भरने होंगे।
क्या कोटेशन हिंदी में छप सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'दस्तावेज़ की भाषा' में हिंदी चुनें। शीर्षक और शब्दों में राशि हिंदी में हो जाएगी, और आपने जो लिखा है वह वैसा ही रहेगा।
पिछली समीक्षा: 18 सितंबर 2026