इस्तेमाल कैसे करें
- 1किरायेदार का नाम (आपका), मकान मालिक का नाम और PAN, और किराये के मकान का पता भरें।
- 2मासिक किराया, भुगतान का तरीक़ा, शुरू का महीना और महीनों की संख्या भरें। अप्रैल से 12 महीने भरने पर पूरा वित्तीय वर्ष आ जाता है।
- 3चुनें कि रसीदें मासिक चाहिए, तिमाही चाहिए या पूरी अवधि की एक ही रसीद।
- 4'PDF डाउनलोड / प्रिंट' दबाएँ, फिर हर रसीद पर मकान मालिक के हस्ताक्षर करवाएँ। ₹5,000 से ज़्यादा के नकद भुगतान पर रेवेन्यू टिकट लगाकर उसके ऊपर से हस्ताक्षर करवाएँ।
मान्य किराया रसीद में क्या-क्या होता है
- किरायेदार का नाम और मकान मालिक का नाम
- किराये के मकान का पता
- किराये की राशि, अंकों में और शब्दों में
- किराया किस अवधि का है
- भुगतान की तारीख़ और तरीक़ा
- मकान मालिक के हस्ताक्षर, और साल का किराया ₹1,00,000 से ज़्यादा होने पर मकान मालिक का PAN
- ₹5,000 से ज़्यादा नकद भुगतान पर रेवेन्यू टिकट
HRA में कितनी छूट मिलती है
पुरानी कर व्यवस्था में आपके HRA का छूट वाला हिस्सा इन तीनों में से सबसे कम होता है:
- आपको वास्तव में मिला HRA
- आपका दिया हुआ किराया, जिसमें से वेतन (मूल वेतन और महँगाई भत्ता) का 10% घटा दिया जाए
- वेतन का 50% अगर आप मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे या अहमदाबाद में रहते हैं, और बाक़ी जगहों पर 40%
बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद वित्तीय वर्ष 2026-27 से 50% वाली सूची में जोड़े गए हैं। अगर आपका किराया वेतन के 10% से कम है तो कोई छूट नहीं मिलती।
रसीदों के साथ ये भी सँभालकर रखें
- किरायानामा (रेंट एग्रीमेंट)
- बैंक स्टेटमेंट या UPI का रिकॉर्ड जिसमें किराया जाता हुआ दिखे
- मकान मालिक का PAN, या PAN न होने की उनकी घोषणा
HRA ₹3,000 महीने तक हो तो नियोक्ता आम तौर पर रसीदों पर ज़ोर नहीं देते, लेकिन आयकर विभाग फिर भी सबूत माँग सकता है, इसलिए रिकॉर्ड ज़रूर रखें।
सिर्फ़ उसी किराये के लिए जो आपने वाक़ई दिया
जो किराया दिया ही नहीं गया उस पर HRA क्लेम करना आमदनी की ग़लत जानकारी देना है। आयकर विभाग HRA के दावों का मिलान मकान मालिकों के PAN और बैंक रिकॉर्ड से करता है, और ग़लत जानकारी देने का जुर्माना बचाए गए टैक्स से कहीं ज़्यादा होता है। इन रसीदों का इस्तेमाल असली भुगतान दर्ज करने के लिए करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किराया रसीद की ज़रूरत किसे होती है?
उन वेतनभोगी कर्मचारियों को जिन्हें मकान किराया भत्ता (HRA) मिलता है, जो किराये के मकान में रहते हैं और HRA की छूट लेना चाहते हैं। वेतन से कटने वाला टैक्स कम करने से पहले नियोक्ता सबूत के तौर पर रसीदें माँगता है। यह छूट सिर्फ़ पुरानी कर व्यवस्था में मिलती है; नई व्यवस्था में HRA पूरी तरह कर योग्य है, इसलिए टैक्स के लिए रसीदों की ज़रूरत नहीं पड़ती।
क्या मकान मालिक का PAN देना ज़रूरी है?
जब आपका किराया साल में ₹1,00,000 से ज़्यादा हो, यानी लगभग ₹8,333 महीना, तो आपके नियोक्ता को मकान मालिक का PAN चाहिए होता है। अगर मकान मालिक के पास PAN नहीं है तो उसकी जगह इस बात की हस्ताक्षर की हुई घोषणा दी जाती है।
क्या किराया रसीद पर रेवेन्यू टिकट लगाना पड़ता है?
जब किसी रसीद पर ₹5,000 से ज़्यादा नकद दिया जाए तो आम तौर पर ₹1 का रेवेन्यू टिकट लगाया जाता है और मकान मालिक उसके ऊपर से हस्ताक्षर करता है। बैंक ट्रांसफ़र, UPI या चेक से दिए गए किराये पर आम तौर पर टिकट नहीं लगता। बॉक्स तभी छपता है जब आप वह विकल्प चुनते हैं।
रसीदें मासिक बनाऊँ या तिमाही?
ज़्यादातर नियोक्ता दोनों मान लेते हैं। मासिक रसीदें उसी तरह होती हैं जैसे किराया वाक़ई दिया जाता है, इसलिए सबसे सुरक्षित हैं। अपनी HR या पे-रोल टीम से पूछ लें कि उनकी कोई पसंद है या नहीं।
क्या मैं अपने माता-पिता को किराया देकर HRA क्लेम कर सकता हूँ?
हाँ, अगर व्यवस्था असली है: मकान आपके माता या पिता के नाम है, आप वाक़ई किराया देते हैं, बेहतर हो कि बैंक के ज़रिए, और वे इसे अपनी आयकर रिटर्न में आमदनी के रूप में दिखाते हैं। नए घोषणा फ़ॉर्म में मकान मालिक से आपका रिश्ता बताना होता है, इसलिए किरायानामा और भुगतान का रिकॉर्ड सँभालकर रखें।
क्या मुझे किराये पर TDS काटना होगा?
अगर आपका किराया ₹50,000 महीने से ज़्यादा है तो आम तौर पर आपको किराये में से 2% TDS काटकर सरकार के पास जमा करना होता है। कैसे और कब करना है, यह अपने अकाउंटेंट से पूछ लें।
क्या ऑनलाइन बनाई गई रसीदें मान्य हैं?
रसीद इसलिए मान्य होती है कि वह असली भुगतान दर्ज करती है और उस पर मकान मालिक के हस्ताक्षर हैं, इसलिए नहीं कि वह कहाँ छपी। जो किराया कभी दिया ही नहीं गया उसकी रसीद झूठा दस्तावेज़ है, चाहे वह कैसे भी बनाई गई हो।
पिछली समीक्षा: 18 सितंबर 2026