इस्तेमाल कैसे करें
- 1अपने व्यवसाय का नाम, पता, GSTIN और राज्य भरें। यह आपके डिवाइस पर सेव रहता है, इसलिए सिर्फ़ एक बार भरना होगा।
- 2ग्राहक का नाम, पता और राज्य भरें। अगर ग्राहक GST में पंजीकृत है तो उसका GSTIN भी डालें।
- 3हर आइटम का HSN या SAC कोड, मात्रा, दर और GST % भरें। कर और कुल योग साथ-साथ बदलते रहते हैं।
- 4लाइव प्रीव्यू जाँचें, 'PDF डाउनलोड / प्रिंट' दबाएँ और खुलने वाली विंडो में 'Save as PDF' चुनें।
GST टैक्स इनवॉइस में क्या-क्या होना ज़रूरी है
CGST नियमों का नियम 46 बताता है कि टैक्स इनवॉइस में कौन-सी जानकारी होनी चाहिए। इस फ़ॉर्मेट में हर एक के लिए जगह है:
- सप्लायर का नाम, पता और GSTIN
- लगातार क्रम वाला बिल नंबर, अधिकतम 16 अक्षर, जो वित्तीय वर्ष में दोहराया न जाए
- बिल जारी करने की तारीख़
- ग्राहक का नाम, पता और GSTIN (अगर ग्राहक पंजीकृत है)
- माल का HSN कोड या सेवा का SAC कोड
- विवरण, मात्रा और इकाई
- कुल मूल्य, और छूट के बाद कर योग्य मूल्य
- कर की दर और राशि, CGST, SGST या UTGST, या IGST के रूप में अलग-अलग
- दूसरे राज्य में आपूर्ति होने पर राज्य के नाम के साथ आपूर्ति का स्थान
- डिलीवरी का पता, अगर वह आपूर्ति के स्थान से अलग है
- क्या कर रिवर्स चार्ज पर देय है
- सप्लायर या अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर
अगर ग्राहक पंजीकृत नहीं है और कर योग्य मूल्य ₹50,000 या उससे ज़्यादा है, तो बिल पर ग्राहक का नाम, पता, डिलीवरी का पता और राज्य भी लिखना ज़रूरी है।
CGST और SGST लगेगा, या IGST?
यह दो राज्यों पर निर्भर करता है: आपका राज्य और आपूर्ति का स्थान।
| आपका राज्य और आपूर्ति का स्थान | बिल पर छपने वाला कर |
|---|---|
| एक ही राज्य | CGST + SGST, दोनों GST दर के आधे-आधे |
| एक ही केंद्र शासित प्रदेश जहाँ विधानसभा नहीं है (चंडीगढ़, लद्दाख, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव) | CGST + UTGST |
| अलग-अलग राज्य | पूरी दर पर IGST |
आप जो राज्य चुनते हैं उनके आधार पर टूल सही कर अपने-आप लगा देता है। जब तक आप अलग से न चुनें, आपूर्ति का स्थान ग्राहक का राज्य माना जाता है।
कौन-सी GST दर लगेगी?
दर इस पर निर्भर करती है कि आप जो बेच रहे हैं उसका HSN या SAC कोड क्या है। सितंबर 2025 में GST की दरें बदली गई थीं, इसलिए बिल बनाने से पहले CBIC के GST रेट फ़ाइंडर पर अपने कोड की मौजूदा दर जाँच लें। GST % वाले बॉक्स में कोई भी दर भरी जा सकती है, 0 भी।
HSN कोड कितने अंकों का लिखें?
- पिछले वित्तीय वर्ष में टर्नओवर ₹5 करोड़ तक: 4 अंक। पंजीकृत ग्राहकों के बिल पर यह ज़रूरी है, आम उपभोक्ता के बिल पर वैकल्पिक।
- टर्नओवर ₹5 करोड़ से ज़्यादा: हर बिल पर 6 अंक।
टैक्स इनवॉइस, बिल ऑफ़ सप्लाई या साधारण बिल?
- टैक्स इनवॉइस: पंजीकृत व्यवसाय जब कर योग्य बिक्री करता है।
- बिल ऑफ़ सप्लाई: कंपोज़िशन डीलर, या कर-मुक्त माल या सेवा बेचने वाला पंजीकृत व्यवसाय। इसमें कर नहीं दिखाया जाता। कंपोज़िशन डीलर बिल के ऊपर “composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies” भी लिखता है।
- साधारण बिल: जो व्यवसाय GST में पंजीकृत नहीं है।
बिल कब तक जारी करना ज़रूरी है?
माल के लिए, माल रवाना करने या सौंपने के समय या उससे पहले। सेवा के लिए, सेवा देने के 30 दिन के भीतर।
यह ई-इनवॉइस नहीं है
जिन व्यवसायों का टर्नओवर 2017-18 के बाद किसी भी वर्ष में ₹5 करोड़ से ऊपर गया है, उन्हें अपने B2B बिल सरकार के इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दर्ज करने होते हैं और वहाँ से मिला IRN और QR बिल पर छापना होता है। यह टूल सामान्य बिल बनाता है। अगर आप पर ई-इनवॉइसिंग लागू है तो B2B बिलों के लिए अपने अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर या पोर्टल का इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह GST बिल मेकर सच में मुफ़्त है?
हाँ। न साइन-अप, न वॉटरमार्क, न बिलों की कोई सीमा। साइट का ख़र्च विज्ञापनों से चलता है।
मेरे व्यवसाय और ग्राहकों की जानकारी कहाँ सेव होती है?
सिर्फ़ आपके अपने ब्राउज़र में, आपके डिवाइस पर। यह हमारे सर्वर पर कभी नहीं भेजी जाती, इसलिए हम इसे देख ही नहीं सकते। ब्राउज़र का डेटा साफ़ करने पर यह हट जाती है।
मेरे पास GSTIN नहीं है, क्या मैं बिल बना सकता हूँ?
हाँ। 'बिल का प्रकार' में 'बिना GST का साधारण बिल' चुनें। जो व्यवसाय GST में पंजीकृत नहीं है वह GST नहीं वसूल सकता, इसलिए कर के कॉलम नहीं छपते।
फ़ोन पर बिल को PDF में कैसे सेव करें?
'PDF डाउनलोड / प्रिंट' पर टैप करें। प्रिंट स्क्रीन पर प्रिंटर की सूची खोलकर 'Save as PDF' चुनें और PDF बटन दबाएँ। कंप्यूटर पर Destination में 'Save as PDF' चुनें।
क्या बिल हिंदी में छप सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'दस्तावेज़ की भाषा' में हिंदी चुनें। शीर्षक और शब्दों में राशि हिंदी में हो जाएगी। आपने जो लिखा है वह वैसा ही रहेगा।
बिल नंबर कहाँ से शुरू करूँ?
जो सीरीज़ आपको ठीक लगे, जैसे INV-001 या 2026-27/001। GST नियमों के अनुसार नंबर लगातार क्रम में हो, वित्तीय वर्ष में दोहराया न जाए और 16 अक्षरों से लंबा न हो।
क्या QR कोड हर UPI ऐप में चलेगा?
हाँ। यह सामान्य UPI QR है जिसमें आपकी UPI ID, बिल की राशि और बिल नंबर होता है, इसलिए PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM और बैंक ऐप, सबमें खुलता है। अपनी UPI ID ध्यान से जाँच लें, क्योंकि पैसा उसी ID पर जाएगा।
पिछली समीक्षा: 18 सितंबर 2026