इस्तेमाल कैसे करें
- 1अपने व्यवसाय की जानकारी एक बार भरें। यह आपके डिवाइस पर सेव रहती है और इस साइट के हर फ़ॉर्मेट में अपने-आप आ जाती है।
- 2सप्लायर का नाम, पता और राज्य भरें, फिर हर आइटम की तय मात्रा, दर और GST % डालें।
- 3'डिलीवरी कब तक' की तारीख़ चुनें। अगर माल गोदाम या साइट पर जाना है तो 'डिलीवरी किसी और पते पर' पर टिक करें।
- 4अपनी शर्तें लिखें, प्रीव्यू जाँचें और 'PDF डाउनलोड / प्रिंट' दबाएँ। PDF सप्लायर को भेज दें।
- 5आगे ख़ुद बदलाव करना चाहते हैं? चालू फ़ॉर्मूलों वाली शीट के लिए 'Excel (.xlsx)' दबाएँ, या 'Word (.docx)'। दोनों फ़ाइलें PDF की तरह आपके डिवाइस पर ही बनती हैं।
परचेज़ ऑर्डर – भरा हुआ नमूना

यह ऊपर के टूल से काल्पनिक जानकारी भरकर बनाया गया है: इसका हर नाम और नंबर गढ़ा हुआ है। इसे टूल में खोलकर डाउनलोड करने के लिए ऊपर “भरा हुआ उदाहरण देखें” दबाएँ।
परचेज़ ऑर्डर में क्या-क्या होना चाहिए
- आपके व्यवसाय का नाम, पता और GSTIN, क्योंकि सप्लायर इन्हीं पर बिल बनाएगा
- PO नंबर और तारीख़
- सप्लायर का नाम, पता और GSTIN
- हर आइटम का सटीक विवरण: साइज़, ग्रेड, रंग, ब्रांड या मॉडल, साथ में मात्रा, इकाई और तय दर
- GST और ऑर्डर का कुल मूल्य
- माल कहाँ पहुँचाना है, और कब तक
- भुगतान की शर्तें: एडवांस, उधारी के दिन, या डिलीवरी पर भुगतान
- भाड़ा, लोडिंग और अनलोडिंग कौन देगा
- ऑर्डर देने के लिए अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर
लिखकर रखने लायक़ शर्तें
जो पंक्तियाँ काम की हों उन्हें ‘नियम व शर्तें’ वाले बॉक्स में लिख लें:
- कृपया अपने बिल और डिलीवरी चालान पर यह PO नंबर लिखें।
- डिलीवरी ऊपर दी गई तारीख़ तक। देर से आया माल लौटाया जा सकता है।
- स्वीकृत सैंपल या स्पेसिफ़िकेशन से मेल न खाने वाला माल सप्लायर के ख़र्च पर लौटाया जाएगा।
- माल और सही टैक्स इनवॉइस मिलने के 30 दिन के भीतर भुगतान।
- दरें इस ऑर्डर के लिए तय हैं और इनमें पैकिंग शामिल है।
- न्याय क्षेत्र जयपुर। (अपना शहर लिखें।)
आपकी शर्तें अगले परचेज़ ऑर्डर के लिए याद रहती हैं।
भुगतान से पहले तीन काग़ज़ मिलाइए
- परचेज़ ऑर्डर: आपने क्या माँगा था, और किस दर पर।
- डिलीवरी चालान या आपकी माल प्राप्ति की पर्ची: असल में क्या आया, और किस हालत में।
- सप्लायर का बिल: आपसे कितना माँगा जा रहा है।
तीनों मेल खाएँ तभी भुगतान करें। ज़्यादा भुगतान, कम माल और एक ही बिल दो बार आने जैसी ज़्यादातर गड़बड़ियाँ यहीं पकड़ में आ जाती हैं।
क्या छोटे व्यवसाय को परचेज़ ऑर्डर की ज़रूरत है?
एक बार की नक़द ख़रीद के लिए नहीं। तब ज़रूर बनाएँ जब ऑर्डर बड़ा हो, आपके बताए स्पेसिफ़िकेशन पर बन रहा हो, डिलीवरी बाद में होनी हो, उधार पर ख़रीद हो, या सप्लायर से पहली बार काम कर रहे हों। एक पेज का PO एक मिनट लेता है, और दर, मात्रा या डिलीवरी की तारीख़ पर विवाद हो तो आपके पास दिखाने के लिए कुछ होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या परचेज़ ऑर्डर क़ानूनी रूप से बाध्यकारी होता है?
परचेज़ ऑर्डर ख़रीदने का आपका प्रस्ताव है। आम तौर पर यह तब बाध्यकारी समझौता बन जाता है जब सप्लायर इसे स्वीकार कर ले, चाहे पुष्टि करके, हस्ताक्षर करके या माल भेजना शुरू करके। तब तक आप इसे वापस ले सकते हैं।
क्या परचेज़ ऑर्डर फ़ॉर्मेट Excel में डाउनलोड हो सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'Excel (.xlsx)' दबाएँ। आपको असली स्प्रेडशीट मिलती है जिसमें आपकी जानकारी भरी होती है और फ़ॉर्मूले चालू रहते हैं: कोई आँकड़ा बदलते ही हर पंक्ति की राशि, GST, राउंड ऑफ़, कुल योग और शब्दों में राशि अपने आप बदल जाते हैं। इसमें कोई मैक्रो नहीं है, इसलिए कोई सुरक्षा चेतावनी नहीं आती। यह सामान्य .xlsx फ़ाइल है, वही फ़ॉर्मेट जो Excel, Google Sheets, WPS Office और LibreOffice इस्तेमाल करते हैं। ख़ाली फ़ॉर्म के साथ दबाने पर Excel में ख़ाली परचेज़ ऑर्डर टेम्पलेट मिलता है।
क्या परचेज़ ऑर्डर फ़ॉर्मेट Word में डाउनलोड हो सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'Word (.docx)' दबाएँ। फ़ाइल PDF जैसी ही दिखती है, और उसका हर शब्द और आँकड़ा बदला जा सकता है। यह सामान्य .docx फ़ाइल है, वही फ़ॉर्मेट जो Microsoft Word, Google Docs, WPS Office और LibreOffice इस्तेमाल करते हैं। ख़ाली फ़ॉर्म के साथ दबाने पर Word में ख़ाली परचेज़ ऑर्डर फ़ॉर्मेट मिलता है, जिसमें हर शीर्षक अपनी जगह पर होता है। Word फ़ाइल में योग सादा टेक्स्ट होते हैं, इसलिए अपने आप गणना चाहिए तो Excel फ़ाइल लें।
परचेज़ ऑर्डर और बिल में क्या फ़र्क़ है?
ख़रीदार माल मिलने से पहले परचेज़ ऑर्डर भेजता है, यह बताने के लिए कि क्या चाहिए और किस दर पर। विक्रेता माल देते समय बिल भेजता है, भुगतान माँगने के लिए। भुगतान से पहले दोनों का मिलान कर लें।
क्या परचेज़ ऑर्डर पर GST देना पड़ता है?
नहीं। परचेज़ ऑर्डर से कोई कर देनदारी नहीं बनती। GST इसलिए दिखाया जाता है कि दोनों पक्ष पूरी लागत पर सहमत रहें। असली कर सप्लायर के बिल पर लगता है।
फ़ॉर्मेट कैसे तय करता है कि CGST + SGST लगेगा या IGST?
यह सप्लायर के राज्य की तुलना आपके राज्य से करता है। एक ही राज्य हो तो CGST + SGST, अलग-अलग राज्य हों तो IGST। दोनों राज्य चुन लीजिए, कर की पंक्तियाँ अपने-आप बदल जाएँगी।
क्या सप्लायर को अपने बिल पर मेरा PO नंबर लिखना चाहिए?
हाँ, अपनी शर्तों में यह माँग ज़रूर लिखें। इससे हर बिल और चालान का किसी ऑर्डर से मिलान हो जाता है, और बड़ी कंपनियाँ आम तौर पर बिना PO नंबर का बिल लेती ही नहीं।
परचेज़ ऑर्डर बदलना या रद्द करना हो तो?
सप्लायर के स्वीकार करने से पहले आप इसे सीधे वापस ले सकते हैं। स्वीकार होने के बाद सप्लायर की सहमति चाहिए। संशोधित ऑर्डर उसी नंबर पर 'Rev 1' जोड़कर जारी करें, ताकि दोनों को पता रहे कि कौन-सा संस्करण चालू है।
क्या परचेज़ ऑर्डर हिंदी में छप सकता है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'दस्तावेज़ की भाषा' में हिंदी चुनें।
पिछली समीक्षा: 19 सितंबर 2026