इस्तेमाल कैसे करें
- 1अपने व्यवसाय की जानकारी एक बार भरें। यह आपके डिवाइस पर सेव रहती है और इस साइट के हर फ़ॉर्मेट में अपने-आप आ जाती है।
- 2रसीद नंबर, तारीख़ और भुगतान करने वाले व्यक्ति या व्यवसाय का नाम भरें।
- 3राशि, भुगतान का तरीक़ा, UPI, ट्रांज़ैक्शन या चेक नंबर, और भुगतान किस बाबत है, यह भरें।
- 4प्रीव्यू जाँचें और 'PDF डाउनलोड / प्रिंट' दबाएँ। दोनों प्रतियों पर हस्ताक्षर करें, ग्राहक प्रति दे दें और दूसरी अपने पास फ़ाइल करें।
पक्की रसीद में क्या-क्या होता है
- रसीद नंबर और तारीख़, ताकि दोनों पक्ष उसे बाद में ढूँढ़ सकें
- किसने भुगतान किया: नाम, और पता हो तो पता
- राशि अंकों में और शब्दों में। शब्दों में लिखी राशि बदलना अंकों के मुक़ाबले बहुत मुश्किल होता है
- भुगतान कैसे हुआ, साथ में UPI संदर्भ, ट्रांज़ैक्शन नंबर या चेक का विवरण
- किस बाबत: बिल नंबर, ऑर्डर, या फ़ीस या किराये का महीना
- पूरा भुगतान है, आंशिक है या एडवांस, और कितनी रक़म बाक़ी है
- आपके व्यवसाय का नाम, पता और हस्ताक्षर
दूसरी प्रति सँभालकर रखें
रसीदें आपका अपना रिकॉर्ड भी हैं। जब कोई ग्राहक कहे कि उसने भुगतान कर दिया था, या आयकर या GST विभाग पूछे कि खाते में कोई रक़म कहाँ से आई, तो नंबर और तारीख़ वाली कार्यालय प्रति ही आपका जवाब है। रसीदों के नंबर एक ही लगातार सीरीज़ में रखें और कोई नंबर दोबारा इस्तेमाल न करें।
अगर आप GST में पंजीकृत हैं तो एडवांस के बारे में
जब GST में पंजीकृत व्यवसाय किसी सेवा के लिए एडवांस लेता है, तो आम तौर पर GST उसी समय देय हो जाता है और नियमों के अनुसार ऐसा रसीद वाउचर जारी करना होता है जिसमें कर भी दिखे। यह फ़ॉर्मेट सिर्फ़ भुगतान दर्ज करता है। अपने अकाउंटेंट से पूछ लें कि क्या आपको अपने एडवांस के लिए GST रसीद वाउचर भी बनाना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिल (इनवॉइस) और भुगतान रसीद में क्या फ़र्क़ है?
बिल भुगतान माँगता है और बिक्री के समय जारी होता है। रसीद इस बात की पुष्टि है कि भुगतान वाक़ई मिल गया। जो ग्राहक बिल का भुगतान बाद में करता है उसे ऐसी रसीद मिलनी चाहिए जिसमें बिल नंबर लिखा हो।
क्या रसीद पर रेवेन्यू टिकट लगाना ज़रूरी है?
भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत ₹5,000 से ज़्यादा के नकद भुगतान की रसीद पर आम तौर पर ₹1 का रेवेन्यू टिकट लगाया जाता है और उसके ऊपर से हस्ताक्षर किए जाते हैं। उसकी जगह छापने के लिए 'रेवेन्यू टिकट के लिए बॉक्स छोड़ें' पर टिक करें। बैंक के ज़रिए मिले भुगतान पर आम तौर पर टिकट नहीं लगता। शंका हो तो अपने अकाउंटेंट से पूछ लें।
क्या नकद लेने की कोई सीमा है?
हाँ। आयकर क़ानून एक व्यक्ति से एक दिन में, एक ही लेन-देन में या एक आयोजन के लिए ₹2 लाख या उससे ज़्यादा नकद लेने पर रोक लगाता है, और जुर्माना ली गई राशि के बराबर तक हो सकता है। नकद राशि उस स्तर पर पहुँचने पर टूल याद दिला देता है।
आंशिक भुगतान या एडवांस के लिए क्या लिखूँ?
'यह भुगतान है' में 'आंशिक भुगतान' या 'एडवांस' चुनें और बाक़ी रक़म भरें। दोनों राशि के पास छपते हैं, ताकि बाद में इस पर कोई उलझन न रहे कि कितना बाक़ी है।
चेक से भुगतान मिलने पर क्या लिखें?
चेक नंबर, बैंक और शाखा, और चेक की तारीख़ भरें; ये रसीद पर छपते हैं। बहुत-से व्यवसाय 'चेक क्लियर होने पर ही भुगतान मान्य' जैसी टिप्पणी भी जोड़ते हैं, क्योंकि भुगतान तभी पूरा होता है जब चेक पास हो जाए।
क्या रसीद बुक जैसा ख़ाली पेज छप सकता है?
हाँ। 'ख़ाली फ़ॉर्मेट' दबाएँ, तो हाथ से भरने के लिए बिंदीदार लाइनों वाली दो ख़ाली रसीदें छपेंगी। इनमें आपकी जानकारी नहीं छपती, ताकि आप अपनी रबर स्टांप लगा सकें।
क्या रसीद हिंदी में बन सकती है?
हाँ। प्रीव्यू के ऊपर 'दस्तावेज़ की भाषा' में हिंदी चुनें। रसीद की भाषा और शब्दों में राशि हिंदी में हो जाएगी।
पिछली समीक्षा: 18 सितंबर 2026